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फंडरेजिंग (धन एकत्र करना)

फंडरेजिंग क्या होता है?

फंडरेजिंग क्या होता है

फंडरेजिंग — का अर्थ किसी संगठन या परियोजना के लिए धन जुटाना होता है, यानी कि आवश्यक राशि एकत्र करने के विभिन्न तरीके खोजना। फंडरेजिंग के ज़रिये आप सरकारों, निजी निवेशकों, परोपकारी लोगों या केवल उन लोगों से धन एकत्र कर सकते हैं जो दूसरों की परवाह करते हैं और मदद करना चाहते हैं। फंडरेजिंग के व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक दोनों तरह के लक्ष्य हो सकते हैं, हालांकि, ज़्यादातर ये गैर-व्यावसायिक होते हैं।

सामाजिक या सांस्कृतिक परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए गैर सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा अक्सर फंडरेजिंग का उपयोग किया जाता है। फंडरेजिंग की मदद से, आप न केवल जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए धन जुटा सकते हैं, बल्कि कोई रचनात्मक या व्यावसायिक परियोजना भी शुरू कर सकते हैं। फंडरेजिंग और धर्मार्थ गतिविधियों के बीच यही प्रमुख अंतर है।

क्राउडफंडिंग और फंडरेजिंग — विभिन्न परियोजनाओं के लिए पैसे जुटाने के नये संसाधन हैं। तो, उनमें अंतर क्या है? क्राउडफंडिंग — का मतलब है अधिक से अधिक लोगों यानी कि भीड़ से दान एकत्र करना। जबकि फंडरेजिंग — एक व्यापक अवधारणा है जिसमें क्राउडफंडिंग सहित धन जुटाने के विभिन्न तरीके शामिल हैं।

फंडरेजिंग की परिभाषा अत्यंत व्यापक है, इसमें किसी परियोजना या संगठन के लिए धन जुटाने के लगभग सभी तरीके शामिल होते हैं। फंडरेजिंग के कई प्रकार हैं जो एक दूसरे से बहुत भिन्न हैं।

फंडरेजिंग के प्रकार

फंडरेजिंग के प्रकार

एक फंडरेजिंग विशेषज्ञ विभिन्न समस्याओं को हल कर सकता है: किसी परियोजना के लिए फंडरेजिंग का आयोजन कर सकता है या किसी कंपनी के लिए धन जुटा सकता है जिसे अपने संचालन को जारी रखने के लिए पैसे की ज़रूरत है। उदाहरण के लिए, न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट ने, एक फंडरेजिंग अभियान के ज़रिये, अपने खर्चों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए ज़रूरी पैसे जुटाये, जब सरकार ने संग्रहालय के बजट को कम कर दिया।

फंडरेजिंग के प्रकारों को कई कारकों के अनुसार विभेदित किया जा सकता है, जैसे कि धन एकत्र करने का तरीका, फंडरेजिंग के किन स्रोतों का उपयोग किया, या जुटाये गए धन की मात्रा से। उदाहरण के लिए, कॉर्पोरेट फंडरेजिंग, जहां बड़ी कंपनियों द्वारा दान किया जाता है, एक अकेले दानकर्ता से अधिक धन जुटा सकता है, हालांकि, इस प्रकार के दान प्राप्त करने के लिए,प्राप्तकर्ता की बहुत अच्छी प्रतिष्ठा होनी चाहिए।

आमतौर पर फंडरेजिंग दो प्रकार की होती है: आंतरिक और बाहरी। पहले मामले में, कंपनी का स्थायी कर्मचारी दान प्राप्त करने के विभिन्न तरीकों को खोजता है, दूसरे मामले में - एक बाहरी विशेषज्ञ को इस काम के लिए अनुबंधित किया जाता है। फंडरेजिंग की ये दो अलग-अलग श्रेणियां एक दूसरे से बहुत अलग नहीं हैं, यदि क्राउडफंडिंग विशेषज्ञ कोई गलती नहीं करते हैं, तो फंडरेजिंग की प्रक्रिया समान चरणों से गुजरती है।

फंडरेजिंग के चरण

फंडरेजिंग के चरण

फंडरेजिंग का चक्र — वह चरण है जो आपको फंडरेजिंग की प्रक्रिया को इस तरह से व्यवस्थित करने में सक्षम बनाता है कि आपके लिए अपनी ज़रूरत के अनुसार सही मात्र में धन आकर्षित करने की संभावना अधिक होगी। इन चरणों का उपयोग इस बात की परवाह किये बिना किया जा सकता है कि किस उद्देश्य से और कौन (कोई कंपनी, गैर सरकारी संगठन, या एक स्वतंत्र व्यक्ति) फंडरेजिंग अभियान का आयोजन कर रहा है। फंडरेजिंग के चरणों में शामिल हैं:

  1. समस्या या कार्य की पहचान करना और उसका वर्णन करना।
  2. लक्षित दानकर्ताओं का विश्लेषण करना जो कंपनी के काम या परियोजना की गतिविधियों में रुचि रखते हैं। परियोजना के लक्षित दानकर्ताओं का निर्धारण सबसे महत्वपूर्ण चरण है जिस पर फंडरेजिंग की सफलता निर्भर करती है। इसलिए, यह समझना महत्वपूर्ण है कि परियोजना में किसकी दिलचस्पी होगी और क्यों, ताकि आपको मालूम हो कि परियोजना के प्रचार के दौरान किससे संपर्क करना है, और उन लोगों के साथ कैसे बातचीत करनी है।
  3. लक्ष्य और उद्देश्य निर्धारित करना। वे विशिष्ट, पूरे करने योग्य और मापने योग्य होने चाहिए।
  4. समस्याओं को हल करने और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक संसाधनों का विश्लेषण करना।
  5. बजट बनाना। बजट के स्तर पर, आपको उन संसाधनों की पहचान करने की आवश्यकता होती है जो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं, लेकिन वे संसाधन टीम के पास मौजूद नहीं हैं, तो कंपनी के बजट से उनके लिए धन आवंटित करें।
  6. संभावित दानकर्ताओं को खोजना और उनका विश्लेषण करना। इस स्तर पर आपको दानकर्ताओं को श्रेणीबद्ध करने की आवश्यकता है: उन दानकर्ताओं पर विचार करें जिनके द्वारा अधिक मात्रा में योगदान देने की संभावना है।
  7. एक फंडरेजिंग कार्यक्रम का आयोजन करना, अगर आयोजकों ने इसकी योजना बनाई है।
  8. परिणामों का विश्लेषण करना और अंतर्दृष्टि की खोज करना। फंडरेजिंग की प्रक्रिया की निगरानी करने से आपको गलतियों को खोजने, उनका विश्लेषण करने और भविष्य में उन्हें फिर से न दोहराने में मदद मिलेगी।
  9. दानकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करना। कई दानकर्ता आमतौर पर किसी परियोजना के लिए एक से अधिक बार दान करते हैं। और भविष्य में भी उनसे दान मिलता रहे, इसके लिए, उन परियोजनाओं के लिए संग्रह पूरा होने के बाद भी, दानकर्ताओं के साथ संबंध बनाये रखना महत्वपूर्ण है। शुरुआती फंडरेजिंग अभियान के दौरान ही दीर्घकालिक सहयोग की नींव रखी जाती है।

आवश्यक धन को सफलतापूर्वक जुटाने के लिए, आपको सर्वोत्तम फंडरेजिंग तकनीकों और फंडरेजिंग टूल्स का उपयोग करने की आवश्यकता है।

फंडरेजिंग के संसाधन 

फंडरेजिंग के संसाधन

किसी भी फंडरेजिंग अभियान की सफलता काफी हद तक, भले पूरी तरह से नहीं, लक्षित दर्शकों के साथ संबंधों पर निर्भर करती है। उनके साथ अच्छे संबंध बनाने के लिए जरूरी है कि आप नये संसाधनों और तकनीकों का इस्तेमाल करें। इंटरनेट आपको अपने दर्शकों के साथ नियमित संपर्क बनाये रखने की अनुमति देता है, जिसका अर्थ है कि आप उनके साथ एक मजबूत संबंध स्थापित कर सकते हैं। साथ ही, इंटरनेट की बदौलत, आप फंडरेजिंग कार्यक्रमों को ऑनलाइन आयोजित करके उनकी लागत को कम कर सकते हैं।

सांस्कृतिक या धर्मार्थ क्षेत्र में फंडरेजिंग का उपयोग करते समय, यह याद रखना आवश्यक है कि परियोजना के लक्ष्य दर्शकों को स्पष्ट दिखने चाहिए और दान करना आसान होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यूरोप में, L'Arrondi सेवा के माध्यम से धर्मार्थ योगदान की मात्रा में वृद्धि हुई है, जो स्टोर से की गई हर खरीदारी का कुछ प्रतिशत दान में स्थानांतरित करने की अनुमति देता है।

सरल शब्दों में, फंडरेजिंग का अर्थ किसी संगठन या परियोजना के लिए धन इकठ्ठा करना होता है। फंडरेजिंग के अलग-अलग लक्ष्य हो सकते हैं, हालांकि, ज्यादातर मामलों में, धन किसी दान या रचनात्मक परियोजना के लिए जुटाया जाता है। धन एकत्र करने के दृष्टिकोण के रूप में फंडरेजिंग की ख़ासियत यह है कि इसमें धन जुटाने के लिए कई तरह के तरीके और प्रयास शामिल होते हैं। फंडरेजिंग का प्रशिक्षण आपको फंडरेजिंग की सभी संभावनाओं का उपयोग करने और धन को आकर्षित करने के सर्वोत्तम तरीके खोजने की अनुमति देगा।

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