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डिल्ट्स पिरामिड

डिल्ट्स पिरामिड क्या है?

डिल्ट्स पिरामिड — यह किसी भी समस्या को हल करने का एक शक्तिशाली उपकरण है, इसकी मदद से आप यह समझ सकते हैं कि इस समाधान को कैसे और कहां ढूंढ़ना है। डिल्ट्स पिरामिड का सबसे ज़्यादा उपयोग विज्ञापन और मार्केटिंग में किया जाता है, क्योंकि यह तकनीक आपको ग्राहक की स्थिति पर हर तरफ से विचार करने और उसकी समस्या का समाधान खोजने का मौका देती है, जो उसके साथ मेल खाते हैं

इस पद्धति को रॉबर्ट डिल्ट्स ने ईजाद किया है, वे सबसे प्रसिद्ध एनएलपी प्रशिक्षकों में से एक हैं, उन्होंने इस दृष्टिकोण के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एनएलपी यानी न्यूरोलिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग, एक न्यूरोसाइकोलॉजिकल प्रयास है, जिसके अनुसार न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं, भाषा और मानव व्यवहार के बीच एक संबंध होता है। ये सभी स्तर एक-दूसरे पर आश्रित हैं और विशेष न्यूरोलॉजिकल तकनीकों का उपयोग करके उन्हें प्रभावित किया जा सकता है। ऐसी ही एक तकनीक है डिल्ट्स पिरामिड।

इसे "डिल्ट्स का लॉजिक पिरामिड", "तार्किक स्तर का पिरामिड" जैसे कई नामों से जाना जाता है। पिरामिड के ज़रिये किसी व्यक्ति या कंपनी के जीवन में होने वाली किसी भी समस्या या स्थिति को विभिन्न स्तरों से देखा जा सकता है और इस प्रकार आप उन जरूरतों और समस्याओं को देख सकते हैं जो अभी तक छुपी हुई थीं।

रॉबर्ट डिल्ट्स का पिरामिड इस विचार पर आधारित है कि एक ही स्तर पर रहकर कोई भी समस्या हल नहीं की जा सकती: सर्वोत्तम समाधान खोजने के लिए, आपको उच्च स्तर पर जाने की ज़रूरत है।

डिल्ट्स पिरामिड के स्तर

डिल्ट्स पिरामिड, या रॉबर्ट डिल्ट्स का तार्किक स्तर पिरामिड, तार्किक स्तर उदहारण का उपयोग करके किसी स्थिति, समस्या या कंपनी की संरचना का वर्णन करता है। इस उदहारण के अनुसार, किसी भी स्थिति में आपको वही संरचनात्मक तत्व मिल सकते हैं, जिनका विश्लेषण करके आप उस स्थिति के प्रति एक नई दृष्टि, अंतर्दृष्टि प्राप्त कर सकते हैं। रॉबर्ट डिल्ट्स के तार्किक स्तर पिरामिड में निम्नलिखित स्तर शामिल हैं (लिस्ट निचले स्तरों से शुरू होती है और ऊपरी स्तरों पर समाप्त होती है):

 

  • माहौल — हमारे रहने की स्थिति। डिल्ट्स के तार्किक स्तर किसी विशेष व्यक्ति की निष्पक्ष वास्तविकता पर आधारित होते हैं: उसकी रहने की स्थिति, जीवन स्तर, माहौल।
  • व्यवहार- मानवीय गतिविधियाँ। यदि पहला स्तर वे परिस्थितियाँ हैं जहाँ हम हैं, तो दूसरा स्तर उन परिस्थितियों के प्रति हमारी प्रतिक्रिया है।
  • क्षमताएं- इस स्तर पर किसी व्यक्ति के गुणों और उसके अनुभव मौजूद हैं। इस स्तर का महत्वपूर्ण प्रश्न है: “मैं दुनिया को कैसे प्रभावित कर सकता हूँ? मैं क्या कर सकता हूँ? "
  • विश्वास और मूल्य- इस स्तर पर, एक व्यक्ति अपने मूल्यों और विश्वासों की संरचना करता है, इस सवाल का जवाब देता है कि वह एक खास तरह से क्यों सोचता है और दूसरी तरह से क्यों नहीं। कुछ खास तरह की सोच के पीछे किस तरह के बचपन के अनुभव, मान्यताएं हो सकती हैं।
  • पहचान- आसान शब्दों में, पहचान— "मैं कौन हूँ?" जैसे अस्तित्व संबंधी प्रश्न का उत्तर है। कोई व्यक्ति किस समूह से संबंधित है, वह खुद को किस स्तर पर रखता है।
  • उद्देश्य- मूल्यों और विचारों की बात करें तो यह उच्चतम स्तर है। इस स्तर पर, व्यक्ति खुद इस प्रश्न का उत्तर देता है कि "मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है?" अक्सर, हमारी समस्याओं के कारण और उनके उत्तर निचले स्तरों पर निहित होते हैं।

सभी तरह से स्थिति का विश्लेषण करने के बाद, आप उसके लिए एक नया, अधिक प्रभावी समाधान पा सकते हैं। लेकिन उसके लिए आपको यह जानना होगा कि डिल्ट्स पिरामिड के साथ कैसे काम करना है।

डिल्ट्स पिरामिड का उपयोग कैसे करें

डिल्ट्स पिरामिड लगभग किसी भी तरह के प्रश्नों से निपटने के लिए प्रभावी है। मैं इस पद्धति का उपयोग कैसे करूं? सबसे पहले, अपने प्रश्नों और समस्याओं को सही ढंग से निरूपित करना ज़रूरी है। इससे पहले कि आप पिरामिड के साथ काम करना शुरू करें, आपको उस समस्या को एक कागज पर लिखना होगा जिसपर आप काम करना चाहते हैं। इस चरण को अक्सर अजीब और अनावश्यक माना जाता है, लेकिन सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए ये आवश्यक है।

फिर आपको यह निर्धारित करने की आवश्यकता है कि यह समस्या किस स्तर की है। यह अक्सर अपने दम पर करना मुश्किल होता है। इस उत्तर को पाने में, किसी मनोवैज्ञानिक के साथ एक चिकित्सीय सत्र या कोई कोचिंग सत्र मदद कर सकता है। जब आप समझ लेते हैं कि समस्या किस स्तर की है, तो आपको पिरामिड के एक या दो स्तर ऊपर जाना होगा और इस स्तर पर समस्या का समाधान तलाश करना होगा।

शुरुआत में जो मामला मूल्यों और विचारों का प्रतीत हो सकता है, वह अक्सर अंत में, उदाहरण के लिए, माहौल का मामला बन जाता है। इस मुद्दे को हल करने में 'स्किल डेवलपमेंट' की कोई किताब ज़्यादा मदद करेगी, जो किसी व्यक्ति को अधिक दिलचस्प समुदाय का हिस्सा बनने में मदद करेगा, बजाय किसी न्यूरोसाइकोलॉजिकल प्रवचन सुनने के। पिरामिड के साथ अकेले काम करते समय, समस्या का विश्लेषण करना बेहतर होगा, पिरामिड के आधार से शुरू होकर उसके शीर्ष तक, और फिर उल्टे क्रम में: पिरामिड के शीर्ष से उसके आधार तक।

समस्या के विश्लेषण के साथ पिरामिड को भरने का एक उदाहरण: एक लड़की चिंतित थी कि उसके वरिष्ठ सहयोगी उसका सम्मान नहीं करते हैं। पिरामिड के आधार पर, उसने उसे मुख्य समस्या के रूप में लिखा, लेकिन अंतिम स्तर तक पहुँचते समय, उसने महसूस किया कि आगे बढ़ने के लिए उसे अपना आत्मविश्वास बढ़ाने की आवश्यकता है। इस पद्धति ने उसे समस्या को सही ढंग से निरूपित करने और यह निर्धारित करने में मदद की कि यह पिरामिड के किस स्तर पर स्थित है। वह विश्वास और मूल्य के स्तर पर है। समस्या का समाधान 1-2 स्तर ऊपर मिलता है: समाधान आपकी पहचान या उद्देश्य को साकार करने में निहित है।

डिल्ट्स पिरामिड हर परेशान करने वाली स्थिति का व्यापक विश्लेषण करने में मदद करता है और कुछ मामलों में, अप्रत्याशित निष्कर्ष पर लेकर आता है। आप उसका उपयोग न केवल खुद के उत्तर खोजने के लिए, बल्कि किसी ग्राहक के लिए उत्पाद के लाभों का विश्लेषण करते समय, मार्केटिंग से जुड़े विचारों की खोज करते समय भी कर सकते हैं। इस पद्धति में एक दोष यह है कि डिल्ट्स पिरामिड के स्तरों के संदर्भ में समस्या का खुद से विश्लेषण करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप किसी प्रशिक्षक या मनोवैज्ञानिक की मदद लें।

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