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रीमार्केटिंग

रीमार्केटिंग क्या होती है

रीमार्केटिंग क्या होती है

रीमार्केटिंग — यह इंटरनेट-मार्केटिंग के विभिन्न उपकरणों में से एक है, जिसका आविष्कार प्रासंगिक विज्ञापन सेवा Google AdWords के विशेषज्ञों के द्वारा वेबसाइट पर रियल और पोटेंशियल क्लाइंट्स को दोबारा से लाने के लिए किया गया था। सरल शब्दों में, यह उपकरण आपको अपने विज़िटर को हाल ही में सर्च किए गए कंटेंट के प्रासंगिक विज्ञापन दिखाने का अवसर प्रदान करता है, और इस प्रकार, उन्हें आवश्यक एप्लिकेशन या प्लेटफ़ॉर्म पर रीडायरेक्ट करता है। 

अक्सर, रीमार्केटिंग का संचालन उन यूज़र्स के लिए होता है, जिन्होंने किसी कारण से किसी प्रोडक्ट को ऑर्डर नहीं किया, प्रोडक्ट (या सर्विसेज) को शॉपिंग कार्ट में ही छोड़ दिया या उन्हें अच्छी तरह से देख नहीं पाए। लेकिन साथ ही रीमार्केटिंग का उपयोग आपके रोज़ के क्लाइंट्स को दोबारा बुलाकर खरीदारी करने के लिए प्रेरित करने के लिए भी किया जा सकता है।

रीमार्केटिंग कैसे काम करती है

रीमार्केटिंग कैसे काम करती है, इसे समझने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे एक व्यावहारिक उदाहरण के माध्यम से समझा जाए। जब कोई यूज़र पहली बार वेबसाइट पर आता है, तो उसे तुरंत cookie फाइल्स में अपना लेबल प्राप्त होता है, जिसे तब ब्राउज़र के द्वारा संग्रहीत किया जाता है। यह लेबल, एक बीकन की तरह, कंपनी के वेबसाइट पर सभी यूज़र्स के कार्यों को ट्रैक करने में मदद करता है, ताकि भविष्य में वे क्लाइंट के द्वारा की गई सभी गतिविधियों का विश्लेषण कर सके और इसे अनुकूलित कर सके।

यूज़र जब वेबसाइट से चला जाता है, जो डेटा लेबल द्वारा एकत्र हुआ है, उसका उपयोग उस कंपनी के द्वारा विज्ञापन के गठन और चयन के लिए किया जाता है। एक बार जब कोई यूज़र Google नेटवर्क के प्रासंगिक मीडिया में शामिल किसी भी अन्य वेबसाइट पर जाता है, तो उसे ठीक वही विज्ञापन दिखाई देता है जो उसे ऑनलाइन स्टोर में पहले से देखे गए प्रोडक्ट्स और अधूरी खरीदारी के बारे में याद दिलाएगा, जो उसे वापस लौटने के लिए विवश करेगा।

साथ ही, रीमार्केटिंग माँग से भी संबंधित है, क्योंकि इसका उद्देश्य बार बार की गई बिक्री के माध्यम से बिक्री को बढ़ाना और क्लाइंट्स को साइट पर वापिस लाना होता है, जो अपने आप में ही माँग में वृद्धि का कारण बनता है।

रीमार्केटिंग के कार्य

रीमार्केटिंग बिज़नेसों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कोल्ड क्लाइंट्स (जो कंपनी के बारे में कुछ भी नहीं जानते) की तुलना में वार्म क्लाइंट्स (जो पहले से कंपनी के बारे में जानते हैं और संभवतः सामान खरीदने के लिए तैयार भी हैं) के साथ काम करना आसान है। यही कारण है कि नए क्लाइंट्स को खोजने और उन्हें आकर्षित करने की तुलना में पुराने क्लाइंट्स को वापस बुलाना आसान है। इसलिए रीमार्केटिंग का मुख्य लक्ष्य — यूज़र को बिक्री फ़नल में, और आपकी वेबसाइट पर वापस लाना होता है, ताकि वह खरीदारी करे। रीमार्केटिंग से आप क्लाइंट्स को उनके पसंद के प्रोडक्ट के लाभों के बारे में याद दिलाकर और छूट देकर, उन्हें लक्षित कार्यों को करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

रीमार्केटिंग और रीटारगेटिंग में क्या अंतर है

सोशल मीडिया पर रीमार्केटिंग को रिटारगेटिंग कहा जाता है। इसके अपने नियम और अनुकूलन की विशेषताएँ हैं, उदाहरण के लिए, इसमें cookie-फाइल्स और पिक्सेल का उपयोग होता है, जो लेबल की तरह काम करता है, आपकी वेबसाइट पर आने वाले सभी लोगों को याद रखता है और एकत्रित डेटा को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर विज्ञापन के साथ जोड़ता है। 

इस प्रकार, रीमार्केटिंग और रिटारगेटिंग में कोई खास अंतर नहीं है। वे एक ही तकनीक का उपयोग करते हैं और इसलिए उनका उपयोग समानार्थक शब्दों के रूप में किया जा सकता है। हालाँकि, यह याद रखना चाहिए कि वे इंटरनेट के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अभिप्रेत होते हैं (सोशल नेटवर्किंग साइट्स के लिए रिटारगेटिंग, Google Ads में विज्ञापन के लिए — रीमार्केटिंग)।

रीमार्केटिंग के उपकरण

रीमार्केटिंग के उपकरण

रीमार्केटिंग का मुख्य उपकरण, Google Ads को माना जाता है, जो बिज़नेस को Google के संपूर्ण मीडिया नेटवर्क तक पहुँच प्रदान करता है और आपको विभिन्न ऑडियंस सेगमेंट के लिए अलग-अलग विज्ञापन संबंधित रीमार्केटिंग अभियान चलाने में मदद करता है। साथ ही, रीमार्केटिंग में निम्नलिखित उपकरण भी काम आ सकते हैं:

  • AdRoll। यह बिज़नेस को शीघ्रता से विकसित करने के उद्देश्य से मीडिया, सोशल और इलेक्ट्रॉनिक एडवर्टाइजिंग लॉन्च करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म है। इसमें ऑटोमेशन और पर्सनलाइज़ेशन के फंक्शन होते है, जिसकी बदौलत आप विभिन्न रीमार्केटिंग चैनलों का एकीकरण कर सकते हैं और वास्तव में उच्च-गुणवत्ता वाली मार्केटिंग (या यहाँ तक ​​कि डीमार्केटिंग) लॉन्च कर सकते हैं।
  • MailChimp। यह ईमेल-मार्केटिंग के लिए एक यूनिवर्सल प्लेटफ़ॉर्म है, जो आपको रीमार्केटिंग के लक्षित अभियान चलाने, लैंडिंग पेज बनाने, आंकड़ों का विश्लेषण करने और भी बहुत कुछ करने के लिए सक्षम बनाता है।
  • ReTargeter। यह प्लेटफ़ॉर्म अत्यधिक सटीक विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए सॉफ़्टवेयर हल प्रदान करता है जो दर्शक और व्यावसायिक लक्ष्यों की आवश्यकताओं को अच्छी तरह से पूरा करेगा। इसके अलावा, प्लेटफ़ॉर्म न केवल पिछले विज़िटर्स, बल्कि नए विज़िटर्स को भी आकर्षित करना संभव बनाता है।

रीमार्केटिंग की कार्यनीति को आकार देते समय, एनालिटिक्स का भी अत्यंत महत्व होता है।

रीमार्केटिंग की सेटिंग

रीमार्केटिंग की सेटिंग में कई चरण शामिल होते हैं। सबसे पहले, रीमार्केटिंग के लक्ष्यों को तय करने की आवश्यकता होती है। आप वास्तव में यूज़र्स को वेबसाइट पर दोबारा से क्यों बुलाना चाहते हैं? उन्हें आपके किस अपेक्षित कार्य को पूरा करना है?

रीमार्केटिंग की सूची बनाते समय, विभाजन का उपयोग किया जाता है। सर्च इंजन में विज्ञापनों के लिए रीमार्केटिंग की सूचियों की आवश्यकता होती है ताकि उन लोगों को चुना जा सके, जिन्हें आपके विज्ञापन अभियान दिखाए जाएँगे। इसलिए, पहले से सोच लें कि ऑडियंस को किस सिद्धांत के अनुसार विभाजित किया जाएगा। उदाहरण के लिए, आप वेबसाइट पर बिताए गए समय के आधार पर यूज़र्स को विभाजित कर सकते हैं। यह निर्धारित करना भी आवश्यक है कि आप किस सेगमेंट को आधार बनाएंगे? प्रत्येक सेगमेंट को अपने स्वयं के लैंडिंग पेज की भी आवश्यकता होती है।

Google Ads के माध्यम से रीमार्केटिंग शुरू करने के लिए, आपको निम्न कार्य करने होंगे:

  1. अपनी वेबसाइट में यूज़र्स को ट्रैक करने के लिए टैग जोड़ें। इसका मतलब यह है: Google Ads पर जाएँ, फिर "टूल्स" टैब पर जाएँ, फिर "शेयर्ड लाइब्रेरी" ⟶ "ऑडियंस मैनेजर" ⟶ "टार्गेट ऑडियंस की सूचियाँ" ⟶ "कॉन्फ़िगर सोर्स" पर जाएँ। "टैग Google Ads" के अंतर्गत देखें और "कॉन्फ़िगर टैग" पर क्लिक करें।
  2. “वेबसाइट पर विज़िटस् की सामान्य जानकारी एकत्र करें" के बगल में स्थित बॉक्स को चेक करें और बदलावों को सेव करें
  3. चुनें कि आप अपने रीमार्केटिंग टैग को अपनी वेबसाइट पर कैसे दिखाना चाहते हैं। आप इसे वेबमास्टर का उपयोग करके मैन्युअल रूप से कर सकते हैं, या आप Google में टैग मैनेजर का उपयोग कर सकते हैं। मैन्युअल रूप से जोड़ने की स्थिति में, संबंधित आइकन का चयन करें और उस पर क्लिक करें। कोड फ्रैग्मेंट के साथ एक विंडो दिखाई देगी जिसे आपको प्रत्येक वेब पेज पर <head> और </head> टैग के बीच निर्देशों के अनुसार कॉपी और पेस्ट करने की आवश्यकता है, जो कि विंडो में भी उपस्थित होगा।
  4. इसके बाद, आपको टार्गेट ऑडियंस को विभाजित करना होगा, यानी रीमार्केटिंग की सूचियाँ बनानी होगी। ऐसा करने के लिए, "ऑडियंस मैनेजर" पर जाएँ, "ऑडियंस की सूचियाँ" खोलें और "+" चिह्न पर क्लिक करें। यदि आप उन सभी यूज़र्स के लिए, जिन्होंने कभी वेबसाइट पर विज़िट किया है, के लिए एक जैसा ही अभियान बनाना चाहते हैं, तो "वेबसाइट के विज़िटर" का चयन करें।
  5. "सूची का प्रारंभिक आकार" सेक्शन में ऑडियंस का आकार निर्दिष्ट करें। Google Ads के नियमों के अनुसार, न्यूनतम आकार है — पिछले महीने के दौरान वेबसाइट के 100 एक्टिव यूज़र्स। आपको विज्ञापन दिखाने के लिए समय के अंतराल को भी निर्दिष्ट करना होगा। फिर "ऑडियंस बनाएँ" पर क्लिक करें।
  6. उसके बाद, "अभियान" टैब खोलें और "+" चिह्न पर क्लिक करें। इसकी सेटिंग उसी प्रकार से दिखती है जैसा कि किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर पारंपरिक अभियान की सेटिंग दिखेगी: लक्ष्य, अभियान का प्रकार, बजट, दर, स्थान, भाषा आदि के साथ-साथ विज्ञापन कितनी बार दिखाना है, उसकी संख्या भी निर्दिष्ट करें।

और इसी के साथ, Google Ads में रीमार्केटिंग की सेटिंग का काम पूरा हो जाएगा.

रीमार्केटिंग के प्रकार

रीमार्केटिंग के प्रकार

सर्च इंजन में रीमार्केटिंग

सर्च इंजन में रीमार्केटिंग एक ऐसा उपकरण है, जिसकी सहायता से आप यूज़र्स को ठीक उसी समय प्रासंगिक विज्ञापन दिखा सकते हैं, जब वे सर्च इंजन में कुछ खोज रहे होते हैं। विज्ञापन, जिस तरह से Google सर्च रिज़ल्ट्स में दिखाए जाते हैं, उसी तरह से अन्य सर्च इंजनों में भी दिखाए जाते हैं यदि तदनुसार कॉन्फ़िगरेशन की गई हो। साथ ही, आप विज्ञापन अभियान को भी इस तरह से सेट कर सकते हैं जिससे विज्ञापन न केवल आपकी वेबसाइट पर विज़िट करने वाले यूज़र्स को दिखाए जाएँ, बल्कि अपरिचित यूज़र्स को भी दिखाए जाएँ, यदि उनकी सर्च का सवाल आपके ऑफ़र के लिए प्रासंगिक हैं। इस प्रकार, सर्च इंजन में रीमार्केटिंग से आप एक साथ पुराने और नए दोनों क्लाइंट्स को आकर्षित कर सकते हैं।

विज्ञापन नेटवर्क में रीमार्केटिंग

विज्ञापन न केवल सर्च रिज़ल्ट्स में, बल्कि विज्ञापन प्रणालियों में भी दिखाए जाते हैं, उदाहरण के तौर पर, Google नेटवर्क के प्रासंगिक-मीडिया के पार्टनर्स के ऐप्स में। ऐसे विज्ञापन सर्च क्वेरी पर निर्भर नहीं होते हैं और आपकी वेबसाइट पर यूज़र्स के कार्यों के आधार पर प्रदर्शित किए जाते हैं।

email- न्यूज़लेटर में रीमार्केटिंग

अपने न्यूज़लेटर को बनाने और लॉन्च करने के लिए कई सेवाएँ भी रीमार्केटिंग का इस्तेमाल करती हैं। वेबसाइट पर उनके कार्यों के आधार पर, यूज़र्स प्रासंगिक विज्ञापनों वाले ई-मेल लिंक्स प्राप्त करते हैं। उदाहरण के तौर पर, उस प्रोडक्ट का विज्ञापन करना जिसे यूज़र ने कल देखा था।

सोशल मीडिया में रीमार्केटिंग

रीमार्केटिंग अधिकांश मौजूदा सोशल नेटवर्किंग साइट्स, जैसे Facebook, Instagram, TikTok, YouTube आदि पर भी उपलब्ध है। आपको वांछित सोशल नेटवर्किंग साइट के ट्रैकर को अपनी वेबसाइट से कनेक्ट करने की आवश्यकता होती है ताकि आपके विज्ञापन इनके पेजो पर दिखाए जा सकें। लेकिन ध्यान रहे कि विज्ञापन सोशल नेटवर्किंग साइट्स के लिए उपयुक्त प्रारूप में होने चाहिए जैसे YouTube और Tiktok के लिए — वीडियो, Facebook के लिए — टेक्स्ट, आदि।

डायनमिक रीमार्केटिंग

डायनमिक प्रोडक्ट रीमार्केटिंग — एक विशेष कोड पर आधारित "स्मार्ट" विज्ञापन बैनर होता है जो ठीक उसी प्रोडक्ट को दिखाता है जिसे क्लाइंट ने हाल ही में देखा है। इस प्रकार से, यूज़र वैयक्तिकृत विज्ञापन को देखते हैं, जो उनकी रुचियों और ज़रूरतों को ध्यान में रखता है, जो रीमार्केटिंग की प्रभावशीलता को बढ़ाता है। डायनामिक रीमार्केटिंग के कोड में productid, pagetype, list, और totalvalue पैरामीटर के मान शामिल होते हैं, जिनको अलग से अनुकूलित किया जा सकता है।

Google ads

Google Ads डायनामिक रीमार्केटिंग को लॉन्च करने के लिए, निम्नलिखित आवश्यक प्रक्रिया है:

  1. ऑडियंस को इकट्ठा करना और इसे Google Ads में ट्रांसफर करना। आप Google Ads रीमार्केटिंग के टैग के माध्यम से और Google Analytics में डेटा ट्रांसफर करके ऑडियंस एकत्र कर सकते हैं।
  2. फ़ीड बनाना और अपलोड करना (यह उन प्रोडक्ट्स और ऑफ़र के बारे में डेटा का एक सेट होता है जिनका विज्ञापन किया जाना चाहिए)। उदाहरण के लिए, प्रोडक्ट का नाम, मूल्य, उसका लिंक, फोटो, आदि। फ़ीड को या तो CSV-फ़ाइल या Google Merchant Center के ज़रिए अपलोड किया जाता है.
  3. डायनामिक रीमार्केटिंग विज्ञापन लॉन्च करना। ऐसा करने के लिए, आपको Google Adwords में अपने अकाउंट में जाना होगा, "अभियान" टैब पर जाकर और "+" के चिह्न पर क्लिक करके "नया अभियान" चुनना होगा।

Facebook

आपको अपना Facebook Business Manager के अकाउंट और Facebook Pixel ऐप को कनेक्ट करना होगा। इसके बाद, Facebook पर डायनेमिक रीमार्केटिंग का संचालन निम्नलिखित प्रक्रियाओं के द्वारा होगा:

  1. Facebook पिक्सेल इंस्टॉल करें। पिक्सेल — कोड का एक टुकड़ा होता है जिसे किसी वेबसाइट पर रखा जाता है। यह यूज़र्स की सभी गतिविधियों को ट्रैक करता है, उन्हें कैप्चर करता है और उन्हें सिस्टम में ट्रांसफर करता है।
  2. इवेंट्स के ट्रैकिंग को सेट करें। रीमार्केटिंग में इवेंट्स का तात्पर्य उन गतिविधियों से है जो यूज़र्स वेबसाइट पर करते हैं। यदि आप पिक्सेल द्वारा कैप्चर की जाने वाली विशिष्ट गतिविधियों का चयन नहीं करते हैं, तो आपको अधूरा डेटा प्राप्त होगा।

रीमार्केटिंग के उदाहरण

क्लासिक रीमार्केटिंग का एक उदाहरण है: एक यूज़र ने किसी वेबसाइट पर दस मिनट के लिए बिल्ली का भोजन ढूँढा, जिसके बाद उसने खरीदारी को स्थगित करने का फैसला किया और वेबसाइट को बंद कर दिया। अगले सप्ताह, सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर स्क्रॉल करते समय या किसी सर्च इंजन में खोज करते समय, वह उसी वेबसाइट की ओर से विज्ञापन बैनर को देखता है जो बिल्ली के भोजन पर छूट को दिखाता है या पालतू जानवरों के लिए भोजन के विभिन्न ब्रैन्डों के उदाहरण स्वरूप दिखाता है।

व्यवहार में, रीमार्केटिंग का एक उदाहरण Booking का विज्ञापन है। Booking — होटल चुनने का एक एप्लिकेशन है जो यूज़र्स को हाल ही में देखे गए होटल के कमरे को बुक करने के लिए आमंत्रित करता है।

FAQ 

डायनामिक रीमार्केटिंग करने के लिए किन मानदंडों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए?

जिन यूज़र्स ने खरीदी गई वस्तु को वापस कर दिया है, उनका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

Google Analytics रीमार्केटिंग में कौन-सी विशेषता नहीं है?

Google Analytics रीमार्केटिंग आपको पहले से खरीदे गए प्रोडक्ट को जल्दी से व्यवस्थित करने की अनुमति नहीं देती है।

रीमार्केटिंग की कौन-सी ऑडियंस को डिफ़ॉल्ट रूप से परिभाषित नहीं किया जा सकता है?

स्टोर पर आने वाले यूज़र्स को डिफ़ॉल्ट रूप से परिभाषित नहीं किया जा सकता है। 

रीमार्केटिंग की सूची बनाते समय किस संसाधन का उपयोग किया जाता है?

यूज़र सेगमेंट — यह एक प्रमुख संसाधन है जिसका उपयोग रीमार्केटिंग की सूची बनाने के लिए किया जाता है।

रीमार्केटिंग की सूची का कौन-सा सेगमेंट आमतौर पर सबसे बड़ा होता है?

होम पेज के विज़िटर्स का सेगमेंट।

रिटारगेटिंग (पुनर्लक्ष्यीकरण)

रिलेशनशिप मार्केटिंग